मथुरा जिले में PM किसान सम्मान निधि घोटाला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान 75,735 फर्जी लाभार्थियों की पहचान हुई है, जिन्होंने योजना के तहत करीब 61 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त कर ली। PM किसान सम्मान निधि घोटाला ने सरकारी सिस्टम की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत जब किसानों की जमीन और पात्रता की जांच की गई, तब यह बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। अब कृषि विभाग इन अपात्र लाभार्थियों से रकम की वसूली की तैयारी कर रहा है।
PM किसान सम्मान निधि घोटाला की जांच में सामने आई सच्चाई
PM किसान सम्मान निधि घोटाला की जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों ने योजना का लाभ लिया, जो इसके लिए पात्र ही नहीं थे। कुछ लाभार्थियों को छह से लेकर नौ किस्तों तक का भुगतान हो चुका था।
जिले में कुल 3,10,857 किसान इस योजना में पंजीकृत हैं। लेकिन जांच के दौरान बड़ी संख्या में लाभार्थियों की पात्रता पर संदेह हुआ, जिसके बाद मार्च में जारी 22वीं किस्त रोक दी गई।
22वीं किस्त पर लगी रोक, जांच के बाद कार्रवाई तेज
PM किसान सम्मान निधि घोटाला के चलते जिन लाभार्थियों पर संदेह था, उनकी 22वीं किस्त को पहले ही रोक दिया गया था। 13 मार्च को जारी इस किस्त में करीब 2.34 लाख किसानों को 46.80 करोड़ रुपये का लाभ मिला।
जिन किसानों के दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध पाए गए, उनकी भुगतान प्रक्रिया रोक दी गई। अब जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फर्जी लाभार्थियों की पहचान कैसे हुई
PM किसान सम्मान निधि घोटाला में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि कुछ लोगों के नाम पर जमीन का कोई रिकॉर्ड नहीं था, जबकि कुछ मामलों में एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों लाभ ले रहे थे।
कुछ लाभार्थी अपने पते पर मौजूद नहीं मिले, जबकि कई ऐसे भी पाए गए जो आयकरदाता श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा पति-पत्नी दोनों द्वारा योजना का लाभ लेने के मामले भी सामने आए हैं।
रिकवरी नोटिस और नाम हटाने की तैयारी
PM किसान सम्मान निधि घोटाला के बाद अब कृषि विभाग सख्त कदम उठाने जा रहा है। अपात्र लाभार्थियों को रिकवरी नोटिस भेजे जाएंगे और उनके नाम योजना की सूची से स्थायी रूप से हटाए जाएंगे।
हालांकि, चकबंदी वाले गांवों के कुछ किसानों को राहत दी जाएगी। ऐसे करीब 1882 किसानों के नाम दोबारा सूची में जोड़े जाएंगे, जिनकी पात्रता जांच में सही पाई गई है।
आगे क्या होगा
PM किसान सम्मान निधि घोटाला ने यह साफ कर दिया है कि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना कितना जरूरी है। सरकार अब फार्मर रजिस्ट्री को और मजबूत बनाने पर काम कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियां न हो सकें।
आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है।








