सीएम किसान सम्मान निधि को लेकर किसानों के बीच बड़ी चर्चा है। हाल ही में इस योजना के तहत करीब 9 लाख किसानों के नाम कटने की खबर सामने आई, जिससे कई किसानों में असमंजस और चिंता बढ़ गई। सवाल यह है कि आखिर किन कारणों से ये नाम हटाए गए और अब तक इन किसानों को कितनी किस्तों का लाभ मिला है। इस पूरी स्थिति को स्पष्ट रूप से समझना बेहद जरूरी है।
किस्तों की स्थिति और भुगतान की सच्चाई
मध्य प्रदेश में सीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 अगस्त को 13वीं किस्त के रूप में ₹2000 की राशि किसानों के खातों में डाली गई थी। इस योजना के अंतर्गत हर चार महीने में ₹2000 दिए जाते हैं। अगस्त के बाद सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर निकल चुके हैं, लेकिन जनवरी तक अगली किस्त जारी नहीं हुई। अब उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी में अगली किस्त जारी की जा सकती है।
राजस्थान का उदाहरण और तुलना
राजस्थान में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22 जनवरी को पांचवीं किस्त जारी की गई, जिसमें ₹1000 की राशि 65 लाख किसानों के खातों में डाली गई। इससे पहले चौथी किस्त में लगभग 74 लाख किसान लाभार्थी थे। यानी इस बार करीब 9 लाख किसानों के नाम योजना से हटा दिए गए। राजस्थान सरकार साल में तीन बार ₹1000 देती है, यानी ₹3000, जबकि पीएम किसान सम्मान निधि से ₹6000 मिलते हैं। इस तरह वहां किसानों को सालाना ₹9000 का लाभ मिलता है।
9 लाख किसानों के नाम क्यों कटे?
सरकार के अनुसार जिन किसानों की e-KYC पूरी नहीं थी, जिनके दस्तावेज अधूरे थे, या जिनके परिवार में एक से अधिक सदस्य लाभ ले रहे थे, उनके नाम सूची से हटाए गए। इसके अलावा नाबालिग लाभार्थी या पात्रता शर्तें पूरी न करने वाले किसान भी बाहर किए गए।
पात्र किसानों को आगे भी मिलेगा लाभ
सरकार ने साफ किया है कि जो किसान सभी पात्रता नियमों का पालन करेंगे, उन्हें आने वाली किस्तों का लाभ जरूर मिलेगा। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपनी e-KYC, दस्तावेज और पात्रता की जांच कर लें।
कुल मिलाकर, सीएम किसान सम्मान निधि और पीएम किसान योजना दोनों ही किसानों के लिए बड़ी राहत हैं, लेकिन लाभ पाने के लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है।







