ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2026 का ऐलान IPL सीजन के बीच कर दिया गया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। इस बार ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुल 21 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जबकि 7 खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। खास बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में टेस्ट क्रिकेट पर अधिक ध्यान दिया गया है।
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: टेस्ट खिलाड़ियों पर खास फोकस
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चयन के दौरान टेस्ट खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया को कई टेस्ट मैच खेलने हैं, इसलिए टीम मैनेजमेंट ने लंबे प्रारूप के खिलाड़ियों को तरजीह दी है। साथ ही खिलाड़ियों को यह भी संकेत दिया गया है कि बेहतर प्रदर्शन करने पर उनका ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट अपग्रेड किया जा सकता है।
किन खिलाड़ियों को मिला मौका
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत कई प्रमुख खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनमें पैट कमिंस, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है, जिससे टीम में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
इन खिलाड़ियों को किया गया बाहर
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कुछ बड़े खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया है। इनमें ग्लेन मैक्सवेल, मैट रेनशॉ, झाय रिचर्डसन और लांस मॉरिस जैसे नाम शामिल हैं। उस्मान ख्वाजा के रिटायरमेंट के बाद उनका नाम भी सूची में नहीं है। इन फैसलों ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है।
खिलाड़ियों की कमाई और नए नियम
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के तहत खिलाड़ियों को सालाना लगभग 1 मिलियन डॉलर तक की कमाई होती है, जिसमें मैच फीस भी शामिल होती है। 2023 में हुए समझौते के अनुसार हर साल कॉन्ट्रैक्ट राशि में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी तय की गई है। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों की तुलना में यह राशि कम मानी जाती है।
नए खिलाड़ियों के लिए खुला रास्ता
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में यह भी प्रावधान रखा गया है कि जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें साल के बीच में भी कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया जा सकता है। इससे युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।
भविष्य की रणनीति पर नजर
ऑस्ट्रेलिया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2026 टीम की भविष्य की रणनीति को दर्शाता है। आने वाले महीनों में ऑस्ट्रेलिया को 20 से 25 टेस्ट मैच खेलने हैं, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनित खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करते हैं।







