दोस्तों, पीएम ग्रामीण आवास योजना को लेकर एक बार फिर बड़ी और अहम जानकारी सामने आई है। हाल ही में जिन ग्रामीण इलाकों में इस योजना के तहत सर्वे हुए थे, अब वहां गांव-गांव सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ गांवों में यह सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि कई गांवों में अभी जारी है। मेरे गांव में भी हाल ही में सत्यापन हुआ, जहां ग्राम पंचायत भवन में आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर बुलाया गया। इससे साफ है कि पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत अब अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है।
सर्वे के बाद क्यों हो रहा है दोबारा सत्यापन
दोस्तों, यह समझना जरूरी है कि पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत घर इतनी आसानी से नहीं मिलता। जब पहले सेल्फ सर्वे या ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा सर्वे किया गया था, उस समय कुछ ऐसे लोगों के भी फॉर्म भर दिए गए जो पात्र नहीं थे। इसी वजह से सरकार ने अब दो से तीन चरणों में फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का फैसला लिया है। इस सत्यापन में अधिकारी और पंचायत स्तर की टीम घर-घर जाकर जांच कर रही है कि आवेदक वास्तव में योजना के लिए योग्य है या नहीं।
फिजिकल वेरिफिकेशन में क्या-क्या देखा जा रहा है
सत्यापन के दौरान यह जांच की जा रही है कि आवेदक के पास पहले से कोई पक्का मकान तो नहीं है और उसने पहले कभी पीएम ग्रामीण आवास योजना का लाभ तो नहीं लिया है। यदि कोई व्यक्ति इस जांच में अपात्र पाया जाता है, तो भले ही उसका नाम शुरुआती सूची में हो, उसे बाद में सूची से हटा दिया जाएगा। अपात्र लोगों की अलग सूची बनाकर ग्राम प्रधान से सत्यापित कराई जाती है और फिर सचिव द्वारा उनका नाम अंतिम सूची से काट दिया जाता है।
नाम आया है तो खुश न हों, अभी प्रक्रिया बाकी
अगर आपका नाम फिलहाल सूची में दिखाई दे रहा है, तो तुरंत खुश होने की जरूरत नहीं है। पीएम ग्रामीण आवास योजना में अभी एक या दो चरणों का सत्यापन और होना बाकी है। इसके बाद ही अंतिम सूची तैयार होगी। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत को सीमित संख्या में ही आवास मिलते हैं। मान लीजिए किसी पंचायत को 50 आवास मिले हैं, तो उनमें प्राथमिकता उसी व्यक्ति को दी जाएगी जिसे सबसे अधिक जरूरत है।
आवास कब तक मिलेगा, क्या है सच्चाई
बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि सत्यापन के बाद आवास कब मिलेगा। सच यह है कि पीएम ग्रामीण आवास योजना में कोई तय तारीख नहीं होती। गांव-गांव सत्यापन होने में समय लगता है। पहले चरण के बाद दूसरा चरण आएगा और फिर अंतिम सूची बनेगी। उसी सूची के आधार पर आवास स्वीकृत किए जाएंगे। इसलिए सभी पात्र लाभार्थियों को थोड़ा धैर्य रखना होगा।
निष्कर्ष
दोस्तों, पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत चल रहा यह सत्यापन बेहद महत्वपूर्ण है। यदि आपके गांव में सत्यापन हो चुका है, तो ग्राम प्रधान से संपर्क कर जानकारी लें। अगर नहीं हुआ है, तो अपने दस्तावेज तैयार रखें। सही पात्रता और धैर्य के साथ ही इस योजना का लाभ मिल पाएगा।







