तकनीक की दुनिया में एक और चौंकाने वाला बयान आया है, जिसने वाइट-कॉलर जॉब्स यानी दफ्तरों की सफेदपोश नौकरियों को लेकर हलचल मचा दी है। Perplexity AI के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी कंपनी का नया AI ब्राउज़र Comet, दो बेहद जरूरी ऑफिस जॉब्स को जल्द ही पूरी तरह से बदल सकता है।
ये कोई आम ब्राउज़र नहीं, एक डिजिटल कर्मचारी है
Comet को हाल ही में द वर्ज के पॉडकास्ट “Decoder” में विस्तार से पेश किया गया, और श्रीनिवास ने बताया कि यह सिर्फ एक सवाल-जवाब वाला चैटबॉट नहीं बल्कि एक पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह काम करता है। यह AI टूल न सिर्फ जानकारी देता है, बल्कि ऑफिस के रोजमर्रा के कामों को खुद करके दिखाता है, वो भी बिना किसी मानवीय दखल के।
Comet को Google Calendar, Gmail और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा गया है, जिससे यह ईमेल भेजने, कॉन्टैक्ट्स निकालने और नौकरी के लिए उम्मीदवारों की तलाश जैसे काम खुद कर सकता है। दोस्तों, यह फीचर अब सिर्फ सोच नहीं है, इसे प्रोडक्ट में पहले ही इंटिग्रेट किया जा चुका है।

खतरे में हैं दो प्रमुख नौकरियां
श्रीनिवास ने खुलकर कहा कि दो जॉब्स Recruiters और Executive Assistants – Comet की वजह से खत्म हो सकती हैं। दोस्तों, अभी यह टूल इनवाइट-ओनली मोड में है लेकिन इसकी क्षमताएं हैरान कर देने वाली हैं।
एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट के रूप में Comet मीटिंग्स की तैयारी, ईमेल मैनेजमेंट, शेड्यूलिंग, और कंफ्लिक्ट रेज़ॉल्व करना जैसे काम कर सकता है। वहीं, एक रिक्रूटर के काम को तो वह एक ही प्रॉम्प्ट में पूरा कर सकता है – उम्मीदवार खोजना, ईमेल भेजना, रिप्लाई ट्रैक करना और Google Sheets में अपडेट तक।
यह बदलाव डरावना है या मौका?
AI अब सिर्फ इंसानों के लिए टूल नहीं रह गया, बल्कि यह उनकी जगह लेने लगा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले 5 सालों में 50 फीसदी एंट्री लेवल जॉब्स को खत्म कर सकता है। Ford के CEO और Anthropic के प्रमुख ने भी इसी तरह की भविष्यवाणी की है।
लेकिन दोस्तों, सभी इतना नकारात्मक नहीं सोचते। Nvidia के CEO Jensen Huang और Salesforce के प्रमुख Marc Benioff ने AI को सहयोगी के रूप में देखा है, न कि किसी की नौकरी छीनने वाला दुश्मन।
ऑफिस में AI का असर हो रहा है साफ
Amazon के CEO Andy Jassy ने हाल ही में अपने कर्मचारियों से कहा कि अगर वे AI को नहीं सीखेंगे, नहीं अपनाएंगे, तो वे जल्द ही अपनी जगह खो सकते हैं। इससे साफ है कि अब कंपनियां खुद अपने कर्मचारियों से उम्मीद कर रही हैं कि वे AI के साथ काम करना सीखें।
Comet जैसा टूल दिखा रहा है कि AI अब पर्सनल असिस्टेंट या चैटबॉट नहीं बल्कि एक असली ऑफिस वर्कर जैसा व्यवहार करने लगा है। दोस्तों, इसका मतलब यह है कि आने वाला समय केवल स्मार्ट वर्क का नहीं बल्कि AI-संग वर्क का होगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: Comet ब्राउज़र क्या है और यह कैसे काम करता है?
Comet एक AI-आधारित ब्राउज़र है जो सामान्य चैटबॉट से कहीं आगे जाकर ऑफिस के काम जैसे मीटिंग शेड्यूल करना, ईमेल भेजना, और उम्मीदवारों की भर्ती जैसे काम खुद से करता है।
प्रश्न 2: कौन-कौन सी जॉब्स सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
Perplexity AI के CEO के अनुसार, Executive Assistant और Recruiter की नौकरियां Comet की वजह से सबसे पहले प्रभावित हो सकती हैं।
प्रश्न 3: क्या यह टूल अभी सभी के लिए उपलब्ध है?नहीं दोस्तों, फिलहाल Comet इनवाइट-ओनली स्टेज में है और प्रीमियम यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है।
प्रश्न 4: क्या AI वाकई जॉब्स को खत्म करेगा या सिर्फ उन्हें बेहतर बनाएगा?
इस विषय पर मतभेद हैं। कुछ लोग मानते हैं कि AI नौकरियां खत्म करेगा, जबकि कई विशेषज्ञ इसे सहयोगी और productivity बढ़ाने वाला मानते हैं।

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